GUGLU-MUGLU

30 Posts

237 comments

Kumar Vishal (guglumuglu)


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

दिल ही दिल में रोते हैं….

Posted On: 5 Jun, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

1 Comment

पैगाम-ए-इश्क

Posted On: 24 May, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (7 votes, average: 4.57 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

41 Comments

पापा फिर से आ जाओ न

Posted On: 7 Apr, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (17 votes, average: 4.53 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

56 Comments

बसंती की फोटो

Posted On: 27 Mar, 2013  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

32 Comments

आदिवासी

Posted On: 18 Jul, 2011  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

1 Comment

Page 1 of 3123»

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Shweta Shweta

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा:

थाम के अंगुली मुझे चलाना मंदिर की उन सीढियों पर ले जाना गिरने से वो मुझे बचाना और मेरे जरा सा थकने पर झट से मुझे गोद में उठाना पापा सब याद है न मै आज भी डगमगा रहा हूँ थामने को मुझे हाथ बढाओ न पापा फिर से आ जाओ न चोट लगी थी मेरे सर पर शायद खून भी निकला था पर दर्द उस चोट का पापा चेहरे पर आपके दिखा था मुझको हँसाने की खातिर वो सीढियों पर हाथ मारना और अपने रुमाल से मेरे आसुओ को पोछना पापा मै अब भी रोता हूँ आसू पोछने आ जाओ न पापा फिर से आ जाओ न लोग हमेशा ही माँ को स्थान देते आये हैं रचनाओं में भी और जीवन में भी ! हालाँकि ये गलत नहीं है लेकिन ऐसे में पिता के संघर्ष और उसकी परेशानियों को दरकिनार कर देना गलत है ! पिता , माँ की तरह अगर दुलारता नहीं है तो इसका ये मतलब नहीं की वो अपने बच्चों को प्यार नहीं करता , हाँ उसका प्यार जताने का तरीका कुछ अलग होता है ! बहुत सुन्दर शब्द विशाल जी !

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: yogi sarswat yogi sarswat

के द्वारा:

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा: Kumar Vishal (guglumuglu) Kumar Vishal (guglumuglu)

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: nishamittal nishamittal

के द्वारा: Shailesh Kumar Pandey Shailesh Kumar Pandey

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: deepak pandey deepak pandey

के द्वारा:

के द्वारा:

के द्वारा: guglumuglu guglumuglu

के द्वारा: guglumuglu guglumuglu

के द्वारा: guglumuglu guglumuglu

के द्वारा:




latest from jagran